Followers

Tuesday, 9 August 2016

kainwas कैनवास



तितलियों से रंग ले आऊँ ओस की बूंदों संग उन्हें मिलाऊँ जीवन के कैनवास पर एक सुंदर चित्र बनाऊँ जहाँ बहती है नदिया और बहते हैं झरने तल्खियों से परै जहाँ हो सब अपने पूरे हों सबके वो प्यारे मीठे - सपने सुरज , चाँद , सितारों से आसमाँ सजाऊँ फूलों से खुशबू ले आऊँ प्रेम , करुणा , दया से सबका मन महकाऊँ आपका भी हाथ हो आपका भी साथ हो और सुन्दर से अपने सपने को मैं सच कर जाऊँ जीवन के कैनवास पर एक सुंदर चित्र बनाऊँ

8 comments:

  1. बहुत प्यारी कविता....सुन्दर और खूबसूरत चाहत कवयित्री की !!!

    ReplyDelete
  2. sundar rachna hai ... blog pe jaroor likhte rahiye ...

    ReplyDelete
    Replies
    1. बहुत - बहुत धन्यवाद । जरुर जिस तरह मेरे पुराने ब्लॉग " मेरा मन पंछी सा " को आपने अपना स्नेह दिया उसी तरह मेरे इस नए कदम में भी आपका आशीष चाहूंगी। muskaankikalamse.blogspot.com को भी अपना स्नेह देते रहिये। :-)

      Delete
  3. तितलियों से रंग ले आऊँ
    ओस की बूंदों संग
    उन्हें मिलाऊँ

    नाज़ुक से ख्याल ... बहुत ही लाजवाब कल्पना है

    ReplyDelete
    Replies
    1. हार्दिक धन्यवाद संजय जी . मित्र हो तो आपकी तरह.. हर कदम में साथ..

      Delete
  4. बहुत प्यारी रचना |
    पढ़ कर अच्छा लगा |

    ReplyDelete
    Replies
    1. धन्यवाद आशा जी..
      ब्लॉग पर आपका स्वागत है...
      :-)

      Delete